RELATIONSHIP OF OUR DESIRE AND HAPPINESS-ORIGINAL DUNIYA THOUGHTS

RELATIONSHIP OF OUR DESIRE AND HAPPINESS

                                                 -हमारी इच्छा का हमारी ख़ुशी से सम्बन्ध -

            जिंदगी जीने का सबसे आसान तरीका है " अपनी इच्छाओ को कम कर दो "
लेकिन क्या हम जिंदगी को सही मायने में जी पाएंगे ,क्योकि इच्छाओ को कम करने का मतलब इच्छाओ को पनपने ही न देना , अथवा इच्छाओ  को बढ़ने न देना , यदि हमारे मन में कोई इच्छा नहीं होगी ,तो सही गलत तो कुछ मायने नहीं रखता और यही एक एक मटर हमारी पूरी लाइफ को डीडे करता ह हमें समझ होनी चाहिए की 
क्या सही है और क्या गलत। जिसको सही गलत का फर्क जितनी जल्दी समझ आ जाता है उसको उतनी ही जल्दी सक्सेस मिलती है। 
             
          और यदि हमरे पास कोई डिजायर नहीं होगी तो सही गलत कुछ समझ नहीं आता क्युकी डिजायर ही हमारे अंदर काम करने की शक्ति लाती है  और उसी के  अनुसार हम काम करते है। 
डिजायर ही हमारे सामने प्रॉब्लम लाती है। 



            "इच्छा सुनंने में ढाई अक्षर का शब्द लगता है ,लेकिन है बहुत ही जाल जंजाल वाला शब्द "

कहते है ,इस दुनिया में जो भी जीवित है ,उसके मन में कोई न कोई इच्छा जरूर होती है ,लेकिन कुछ लोग अपनी इच्छाओ को पूरा कर लेते है लेकिन कुछ लोग उनको पूरा नहीं कर पाते है। 


लेकिन दोनों में खुश कौन हैँ ?
जो पूरा कर लेता है या जो पूरा नहीं कर पाता। 'असलियत में खुश नहीं कोईं नहीं होता '
क्युकी जिसकी इच्छ्हा अधूरी है उसको अपनी इच्छा पूरी न कर पाने का दुःख होता है और वो अपनी आगे की 
लाइफ के लिए हताश हो जाता है। लेकिन जिसने अपनी इच्छा को पुरा  लिया उसको कुछ देर की ख़ुशी तो मिलती है लेकिन उसी खुसी क साथ उसके मन में एक और इच्छा प्रवेश करती है। अब जो नयी इच्छा है वो हमारी पिछली सारी पूरी हुई इच्छाओ की ख़ुशी को मरने लगता है। और इस तरह से जो नयी इच्छा है हम उसको पूरा करने में लग जाते है। फिर एक और इच्छा आती है फिर एक और फिर एक और और इस तरह से हम कभी हमेशा क लिए ख़ुशी प्राप्त कर ही नहीं पाते। 
याद  रखिये इच्छा कितनी भी छोटी हो या बड़ी प्रोब्ल्र्म हमेशा एक जैसी ही होगी।
KAL KI CHINTA CHHODKAR SUKH SE KAISE JIYE?CLICKHERE



अतः अब सुखी जीवन के लिए ,असली ख़ुशी पाने के लिए, टिकाऊ सुकून पाने के लिए क्या किया जाये  ?


तब ऐसे में जो इच्छा रखता है और जो इच्छा नहीं रखता है दोनों ही खुश नहीं है तब सिर्फ हम अपने आप से कहे 

       "ऐ मेरे मन तुम अपने अंदर पनपी सारी  इच्छाओ पर मनन करो  ,और देखो की किस इच्छा और कौन सी इच्छाओ को तू तुम पूरी कर लो तो तुम्हे असीम ख़ुशी प्राप्त होगी '

अपने अंदर से  आयी हुई एक एक महत्वपूर्ण इच्छा को सुनो और उन पर क्रमबद्ध तरीके से काम पर लग जाओ 
मतलब अपनी इच्छाओ को मारो नहीं , अपनी इच्छाओ पर काबू रखो ,सिर्फ जरुरत के अनुसार। 


जो आप अपने आप से चाहते हो ,NEATLY उस डिजायर को अपने मन में पनपने दो। 
इसके अलावा आपके जीवन में और कुछ मैटर न करे। 


               इच्छा का ख़ुशी से रिलेशन है, और बहुत तगड़ा रिलेशन है लेकिन तब तक 

        जब तक आप अपनी इच्छाओ पर काबू पाए हुए है। और अपनी इच्छाओ को अपने हिसाब से पनपने दे रहे है। . 




                                                                                                            धन्यवाद। 




यदि मेरी ये पोस्ट आपके कुछ काम आ सके तो प्लीज कमेंट में मुझे जरूर बताये। 
ताकि मै आपके सामने ऐसी ही कुछ रोमांचक बाटे ला सकू। 


        
RELATIONSHIP OF OUR DESIRE AND HAPPINESS-ORIGINAL DUNIYA THOUGHTS RELATIONSHIP OF OUR DESIRE AND HAPPINESS-ORIGINAL DUNIYA THOUGHTS Reviewed by satendra singh on 16 नवंबर Rating: 5

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